Sunday, November 4, 2018

यादो के तस्कर में..
उन अक्सर खोई हुई बारिश में..
  तेरे साथ बिताए लम्हों को भूलूं  कैसे
पर हां  मै भुल ग‌ई हु तुझे...
 तेरे साथ बिताए हर पल को !!
    हर लम्हे को..!!
कितनी अजीब हूं ना मैं
   तुझे ही भुलने की बात कर रही हु
और तुझे ही लिखे जा रही हूं......!